घोड़ों की टाप
छोटे शाह के नजदीकियों को तमाम हालात का इल्म था। वो मैनेजर की बेजा हरकतों से भी वाकिफ़ थे। पर शाह मंजिल की दीवारों पर उनकी गिरफ्त कमजोर हो चली थी। शाह मंजिल की तमाम बेगमें बस्ती के अपराधियों के हाथों बेबस हो गई थीं।
छोटे शाह के नजदीकियों को तमाम हालात का इल्म था। वो मैनेजर की बेजा हरकतों से भी वाकिफ़ थे। पर शाह मंजिल की दीवारों पर उनकी गिरफ्त कमजोर हो चली थी। शाह मंजिल की तमाम बेगमें बस्ती के अपराधियों के हाथों बेबस हो गई थीं।
काट ले गया थान से आधी लौकी आधा चोर आधी ईमानदारी छोड़ गया वह खुश है लौकी बैंक से
हम भी पा जाते खुदाई मर्तबा काश! मिल जाता हमें आजर कोईये है प्यासा, इसमें है सहरा की प्यास चाहिए इसके लिए सागर कोई
जिलाधिकारी ने जाँच का भार एस.डी.ओ. को दिया। एस.डी.ओ. ने डी.एस.पी. की जाँच रिपोर्ट देखी और गाँव के लोगों से पूछताछ की। दरोगा के भय से गाँव का कोई भी आदमी गवाही देने के लिए नहीं आया। केवल मुखिया के आदमियों ने गवाही दी। एस.डी.ओ. का प्रतिवेदन था कि भुखली खराब चरित्र की महिला है। उसने गाँव के बड़े लोगों को स्थानीय नेता के कहने पर यह आवेदन दिया है।
प्रभु के मृत्युलोक भ्रमण का आँखों देखा हाल सुनाया फिर बोले–‘आज मनुष्य वाकई जानवर से भी बदतर हो चुका है,
दहेज हमारे समाज के चेहरे पर बदनुमा दाग की तरह है। ‘दुल्हन ही दहेज है के नारे’ महज जुमले साबित हो रहे हैं।