एक अदद जिंदगी
अगस्त महीने की यह एक ऐसी सुबह थी जिसकी पूर्व कल्पना किसी ने नहीं की थी। बारिश रुक-रुक कर होती थी या नहीं होती थी। हफ्ते-दस दिनों बाद जोर की वर्षा होती और कॉलोनी का निचला हिस्सा पानी से भर जाता।
अगस्त महीने की यह एक ऐसी सुबह थी जिसकी पूर्व कल्पना किसी ने नहीं की थी। बारिश रुक-रुक कर होती थी या नहीं होती थी। हफ्ते-दस दिनों बाद जोर की वर्षा होती और कॉलोनी का निचला हिस्सा पानी से भर जाता।
आज कल मकान, दुकान और सामान की तरह किराए की कोख भी मिलने लगी है अच्छा है अब तो किस्तों पर माँ की ममता भी बाजार में बिकने लगी है।
मैं इधर तीन-चार दिनों से आपकी ‘सोनामाटी’ में इस प्रकार डूबा था कि सभी कम आवश्यक कार्य मुल्तवी कर दिए थे
युग प्रतिनिधि कलाकार प्रेमचंद हिंदी उपन्यास के प्रेरणासूत्र और प्रकाश-स्तंभ हैं। उन्होंने हिंदी उपन्यास को उसकी सहजभूमि पर प्रतिष्ठित ही नहीं किया, भावी उपन्यासकारों के लिए दिशा-संकेत भी दिए।
कुछ पूजा के आयोजन-सा होने लगता जब मेरे मन में प्यार देवता-सा चुप-चुप आने लगता मन मंदिर होने लगता ऐसा रूपक सजने लगता
विशुद्धानंद की ‘माथे माटी चंदन’ जो भोजपुरी भाषा में तेरह कड़ियों की नाट्य धारावाहिक पुस्तक है, पूर्णतः ग्रामीण क्षेत्र में आतीं