क्या थे किरदार क्या कहानी थी
क्या थे किरदार क्या कहानी थी वो भी क्या खूब जिंदगानी थीखूबसूरत जड़ें सितारे थे उसकी चादर जो आसमानी थीएक ठोकर पे था जहाँ सारा वो भी क्या जोश क्या जवानी थीघर था बेटे का, चुप ही रहना था उम्र ढलती हुई बितानी थी
क्या थे किरदार क्या कहानी थी वो भी क्या खूब जिंदगानी थीखूबसूरत जड़ें सितारे थे उसकी चादर जो आसमानी थीएक ठोकर पे था जहाँ सारा वो भी क्या जोश क्या जवानी थीघर था बेटे का, चुप ही रहना था उम्र ढलती हुई बितानी थी
उजाले बाँटने फिर चल पड़े हैं हमारे दर पे नाबीना खड़े हैंये परदे रेशमी तो हैं यकीनन मेरे सपनों के इन में चीथड़े हैंहवाए-ताजगी ले आएँगे हम
यहीं पे साँप हजारों दिखाई देते हैं इसी गली से गुज़रना बहुत ज़रूरी हैहज़ार खार चुभेंगे गुलों को चुनने में मगर ये काम भी करना बहुत ज़रूरी है
सबको आता नहीं कानून से लड़ने का हुनर आस मजबूर की इनसाफ़ पे ठहरी देखी
आपने सर उठाया नहीं तो आप पर क्यों निशाने लगे हैंमुझको रखते थे जो ठोकरों में वो गले अब लगाने लगे हैं
मन की बात बताने में दोनों को हकलाहट हैउसका भी जी ऊब गया मुझको भी उकताहट है