मेरे यार तूने सहारा दिया है
किसी ने बनाए फलक, चाँद तारे किसी ने हमें ये नज़ारा दिया हैमुझे याद है अब भी भुला नहीं हूँ जो है पास मेरे तुम्हारा दिया है
किसी ने बनाए फलक, चाँद तारे किसी ने हमें ये नज़ारा दिया हैमुझे याद है अब भी भुला नहीं हूँ जो है पास मेरे तुम्हारा दिया है
सुनना लाज़िम है कारों के हॉर्न राह चलते खुले कान रखनातुमसे लेंगे सबक आदमी सब उम्र भर खुद को इनसान रखना
कमाने का वसीला है न खाने का कोई साधन परेशाँ आज कल हर आदमी है तो ग़लत क्या हैजहाँ रौशन दिये थे हमने फूकों से बुझाया है वहाँ पर आज फैली तीरगी है तो ग़लत क्या है
जीस्त में कुछ कर गुजरने के लिए आश्नाई खुद से भी दरकार हैदर्द, गम, हसरत, मसर्रत से भरा दिल हमारा दिल नहीं बाजार है
नाव क्यों उसके हाथों सौंपी थी नाखुदा तो खुदा नहीं होतातप नहीं सकता दु:ख की आँच में जो खुद से वो आश्ना नहीं होता
वेदनाएँ दस्तकें देने लगीं इतना मत इतराइए उल्लास परजो हो खुद फैला रहा घर-घर इसे पाएगा काबू वो क्या संत्रास पर