जीवन साथी

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डोर बेल बजी तो नवीन उठकर दरवाजे तक गया।

‘साहब यह सामान रखवा दीजिए।’

नवीन ने देखा कि बाहर फर्नीचर से लदी एक गाड़ी है और एक व्यक्ति उस फर्नीचर को रखने के लिए बोल रहा है।

‘यह किसका है, मैंने तो कुछ नहीं मँगवाया!’ नवीन ने आश्चर्य से कहा।

‘रुको…रुको…मैंने यह सामान मँगवाया है। अमेजन से ऑनलाइन आर्डर किया है।’ अंदर से सोमा आई और बोली।

‘सोमा…इन फर्नीचर की क्या जरूरत, पहले से ही कितने फैंसी फर्नीचर घर में पड़े हैं!’ नवीन ने पत्नी सोमा से कहा।

‘हाँ पड़े हैं…लेकिन यह मैंने एंटीक फर्नीचर मँगवाया है। शायद तुम्हें नहीं मालूम अभी एंटीक फर्नीचर का फैशन है।’–कहते हुए वह गाड़ी से सामान उतरवाकर घर में रखवाने लगी।

नवीन चुपचाप खड़ा देख रहा था और सोच भी रहा था कि कैसे कुछ साल पहले सोमा ने माँ के पुराने सामान और फर्नीचर को रद्दी के भाव हटा दिया यह कहकर कि ये सभी पुराने हैं।


Image : Interior, Woman Reading
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Artist : Gustave Caillebotte
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रेखा भारती मिश्र द्वारा भी