आँखों में लहू दिल में जो कांटा नहीं होता

आँखों में लहू दिल में जो कांटा नहीं होता

आँखों में लहू दिल में जो कांटा नहीं होता
फिर तुमसे अदावत का इरादा नहीं होता

इतना तो बताओ कि सियासत तेरे घर में
क्यों रात के दामन में अंधेरा नहीं होता

तस्वीर उजालों की दिखाए न वो बादल
बारिश में चिरागों का तमाशा नहीं होता

छालों को मेरे देख परेशां अभी से है
तय होगा सफर उसका भरोसा नहीं होता

उसके ही हवाले से चलेगी मेरी दुनिया
ये ख्वाब कभी मैंने जो देखा नहीं होता।


Original Image: A Pond with three Cows and a Crescent Moon
Image Source: WikiArt
Artist: Camille Corot
Image in Public Domain
This is a Modified version of the Original Artwork


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अनिरुद्ध सिन्हा द्वारा भी