चाहता बन जाए सत्य अतीत सपना!

चाहता बन जाए सत्य अतीत सपना!

विश्व मेरे, मैं मिटा अस्तित्व अपना,
चाहता हूँ भूल जाना यह तड़पना।
चाहता हूँ आज मैं स्पंदन तुम्हारा
चाहता बन जाए सत्य अतीत सपना!
विश्व मेरे, मत सुनो मेरी कहानी
मैं न कहना चाहता बातें पुरानी
चाहता मैं छोड़ना केंचुल पुराना
चाहता जीवन नया, नूतन जवानी!
विश्व मेरे, मैं बदलता जा रहा हूँ,
काट सब बंधन, निकलता जा रहा हूँ,
चाहता मैं ‘तुम’ बनूँ, इससे तुम्हारे
रूप में मैं आज ढलता जा रहा हूँ!
विश्व मेरे लो मुझे निज में मिला लो!
सिंधु तुम, मैं बूँद, लो मुझको सँभालो!


Image: Buddha Walking among the Flowers
Image Source: WikiArt
Artist: Odilon Redon
Image in Public Domain


Notice: Undefined variable: value in /var/www/html/nayidhara.in/wp-content/themes/oceanwp-child/functions.php on line 154
शंभूनाथ सिंह द्वारा भी