बेटियाँ

बेटियाँ

घर की शान है
आँगन की शोभा है
माता-पिता के अरमान हैं
बुढ़ापा की लकोठी है।

बेटियाँ हैं तो
बीमार माँ के सिरहाने
टेबुल पर सज जाती है
दतवन, कंघी, दवाई, गमछा और
लोटा भर सुसुम पानी।

बेटियाँ चुन लाती है,
जंगलों से लकड़ियाँ
पशुओं के लिए हरी-हरी घास
घर के लिए साग-सब्जी
कंद-मूल, पुटकल के फूल
अपने लिए कुछ सपने,
और मन के तहखाने में
चुपचाप रख देती हैं।


Image : Woman Carrying Firewood and a Pail
Image Source : WikiArt
Artist : Jean-Francois Millet
Image in Public Domain

निर्मला पुतुल द्वारा भी