चंद्रमा की चाँदनी हो तुम

चंद्रमा की चाँदनी हो तुम

चंद्रमा की चाँदनी हो तुम
पूर्णिमा की यामिनी हो तुम

पास मेरे इस तरह बैठो
मेघ में ज्यों दामिनी हो तुम

कामना जागे जिसे लखकर
मेरी कोमल कामिनी हो तुम

मैं मनाता ही रहूँ जिसको
वह मधुरतम मानिनी हो तुम

मेरी गजले बँध गई जिसमें
वह अनोखी रागिनी हो तुम

उम्रभर देखा करूँगा मैं
हे प्रिये–प्रियदर्शिनी हो तुम।


Image : Kadambari
Image Source : WikiArt
Artist : Raja Ravi Varma
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