हर कोई आगे निकलना चाहता है

हर कोई आगे निकलना चाहता है

हर कोई आगे निकलना चाहता है
पीछे पीछे कौन चलना चाहता है

कब तलक घुटनों के बल रेंगे बताओ
अब ये बच्चा उठ के चलना चाहता है

कितनी बेचैनी दिखाई पड़ रही है
ऊँट अब करवट बदलना चाहता है

वक्त की गरमी से तपकर उसका लोहा
बर्फ़ के जैसा पिघलना चाहता है

नाज़ अपनी शक्ल पर अब तक था जिसको
आज वो हुलिया बदलना चाहता है

छोड़कर अपनी ज़िदों को आजकल वो
वक्त के साँचे में ढलना चाहता है

हर तरफ़ उन्माद की सरगर्मियाँ हैं
ख़ून ऐसे में उबलना चाहता है

आजकल है मुल्क में अजगर चर्चा
क्या ये अब सब कुछ निगलना चाहता है

राजसी लहजे तो कड़वे हो गए हैं
हर कोई अब विष उगलना चाहता है।


Image : Young woman sitting
Image Source : WikiArt
Artist : Hippolyte Petitjean
Image in Public Domain

अशोक मिज़ाज द्वारा भी