झूठ के हैं वो परस्तार खुदा खैर करे

झूठ के हैं वो परस्तार खुदा खैर करे

झूठ के हैं वो परस्तार खुदा खैर करे
कैसे-कैसे यहाँ किरदार खुदा खैर करे

डर के मारे हैं जो, निकले ही नहीं हैं घर से
अब वह लोग हैं सरदार खुदा खैर करे

हम अबस दोष दें क्यों गैर को बर्बाद की
अपने घर ही में हैं गद्दार खुदा खैर करे

कैसे-कैसों को सजाकर किसी नायक की तरह
पेश करते हैं ये अखबार खुदा खैर करे

अब वो मेयार न वो आन पे मिटने का जुनूनँ
सब यहाँ बिकने को तैयार खुदा खैर करे।


Image :Three studies of head
Image Source : WikiArt
Artist : Joaquín Sorolla
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