रखा हुआ है पायदान दरवाजे पर

रखा हुआ है पायदान दरवाजे पर

रखा हुआ है पायदान दरवाजे पर
बिछा हुआ है आसमान दरवाजे पर

दस्तक खुद दरवाजे देने लगते हैं
लिखा हुआ है खानदान दरवाजे पर

यादों की खुश्बू से बदन महकता है
बिखर गया है जाफरान दरवाजे पर

धूप में दीवारों को लगता है ऐसे
खड़ा हो जैसे सायबान दरवाजे पर

शायद सुल्तानों का कुनबा रहता है
रखा हुआ है पीकदान दरवाजे पर

जहन में जिसका सुंदर सा इक नक्शा है
रखा हुआ है वो मकान दरवाजे पर

नाबीना हो गया राह तकते तकते
रख छोड़े अब नाक-कान दरवाजे पर।


Image : A Moorish Doorway
Image Source : WikiArt
Artist : Tom Roberts
Image in Public Domain