आप आए हैं

आप आए हैं

आप आए हैं फिर, शुक्रिया आपका
गाँव भाए हैं फिर, शुक्रिया आपका

बदबुओं से भरे ये गली-रास्ते
महमहाये हैं फिर, शुक्रिया आपका

ख़ुशनुमा वायदों की गठरियाँ कई
ढो के लाए हैं फिर, शुक्रिया आपका

ओठ जो हो गए थे शिला खौफ से
थरथराए हैं फिर, शुक्रिया आपका

देख कर हमको जाते थे तन जो नयन
मुस्कराए हैं फिर, शुक्रिया आपका

प्यासे कंठों से बच्चों ने सम्मान में
गीत गाये हैं फिर, शुक्रिया आपका।


Image : A Street Scene in Sevilla
Image Source : WikiArt
Artist : Thomas Eakins
Image in Public Domain


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रामदरश मिश्र द्वारा भी