जिक्र तेरा मेरे शहर में

जिक्र तेरा मेरे शहर में

जिक्र तेरा मेरे शहर में नहीं
आईने में है तू नजर में नहीं

वो महाजन भी रोज आता है
मैं भी कहता हूँ कह दो घर में नहीं

सारी दुनिया मैं घूम कर देखा
जो मज़ा घर में है सफ़र में नहीं

तेरा बेटा भी तुझ पे जाएगा
तू समझता है तू नजर में नहीं

मरने वाले का नाम तो आया
कौन कातिल है ये खबर में नहीं।


Image : Kramskoi Ivan Mina Moiseev Sun
Image Source : WikiArt
Artist : Ivan Kramskoy
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अनिरुद्ध सिन्हा द्वारा भी