अभी वक्त लगेगा

अभी वक्त लगेगा

पत्थर को पिघलने में अभी वक्त लगेगा
अंदाज बदलने में अभी वक्त लगेगा

बेवक्त भला रात कहाँ जाएगी आखिर
सूरज को निकलने में अभी वक्त लगेगा

है शौक टहलने का तो ख्वाबों में ही टहलो
बागों में टहलने में अभी वक्त लगेगा

जाते हो निकल कर मेरे कूचे से तो जाओ
इस दिल से निकलने में अभी वक्त लगेगा

फूलों का चलन और ही होता है मुसाफिर
इन काँटों पे चलने में अभी वक्त लगेगा

फिलहाल ये काफी है कि तुम ख़ुद को बदल लो
दुनिया को बदलने में अभी वक़्त लगेगा

हौले से तेरे दिल में जो ये आग लगी है
शोलों को मचलने में अभी वक्त लगेगा।


Image: The Coast of Brittany (aka Alone with the Tide)
Image Source: WikiArt
Artist: James McNeill Whistler
Image in Public Domain

आराधना प्रसाद द्वारा भी