शिकायत

शिकायत

मुझे शिकायत है
स्याही पीली क्यों नहीं होती
धरती लाल और
सूरज से हरी किरणें क्यों नहीं निकलती
पीली स्याही जल्द ही कागज से उड़ जाती
और ढेर सारे वाद-विवाद हवा बन कर्पूर हो जाते

धरती लाल होती
हम सब तप जाते
तप कर योगी बन जाते
और सूरज ही हरी किरणें
सबको ठंढक पहुँचाती

स्याही, धरती और सूरज
तीनों को बदलना होगा
नहीं तो यहाँ आदमी नहीं शैतान होगा
और शैतान
कविता नहीं समझता
कविता नहीं करता।


Image :Alsace or reading monk
Image Source : WikiArt
Artist :Odilon Redon
Image in Public Domain


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अरविंद कुमार ‘मुकुल’ द्वारा भी