बड़ी लड़ाइयों का अंतर

बड़ी लड़ाइयों का अंतर

सुनो कवि, एक कविता लिखो
सबके किए पर लिखना
शाम के छींटाकशी पर
कुछ लिखना सबसे पहले
फिर, भोर में जागे रहे
उसका साफ़ साफ़ कारण
किसी लिखे को पढ़ कर
बढ़ी धड़कन का
सबसे पहला जवाब जब छाप लेना
कागज पर तो कवि
सबसे ज़रूरी शख्स को लिखना
दिल की बातें
उसको गलियाना मन में
उसका मुँह नोच लेना
ले जा के नींद के वन में
उसको भाग्यहीन कहना
फिर धीरे धीरे, उसपे आ रही
दया को दुआ करना
उसपे आ रहे गुस्से को
कपूर समझ कर हवा कर देना
और आख़िरी में सबको माफ़ कर देना
क्यूँकि, बड़ी लड़ाइयों में
सच के साथ रहना होता है
सच कह कर चुप हो जाना होता है
साबित नहीं करना होता।


Image : Portrait of M. Diego Martelli
Image Source : WikiArt
Artist : Federico Zandomeneghi
Image in Public Domain