गिलहरी के बहाने

गिलहरी के बहाने

गिलहरी दौड़ती है
जाना चाहती है
रस्ते के उस पार
पता नहीं जिंदगी की तरफ
या मौत की तरफ

पर वह दौड़ती है एकदम
आ जाती है अचानक सामने
मौका भी नहीं देगी
बचने बचाने का
दब जाती है पहिए के नीचे

दुखी होता हुआ मैं
माफी माँगता बढ़ जाता हूँ
मुझे भी नहीं पता
आगे जिंदगी है या मौत!


Image : Boy with Squirrel (Henry Pelham)
Image Source : WikiArt
Artist :John Singleton Copley
Image in Public Domain