गढूँगा अपने नायक,बिम्ब और प्रतीक

गढूँगा अपने नायक,बिम्ब और प्रतीक

लो-सँभालो
अपने देवी और देवता
मैं छोड़ रहा हूँ
पूजा-अर्चना करने का
पूरा का पूरा ढकोसला।
मैं जान गया हूँ
तुम्हारी व्यवस्था से
मेरा
दूर-दूर तक नहीं है नाता
फिर क्यों गाता फिरूँ
तुम्हारे
काल्पनिक भगवानों की गाथा।

तुम्हारे
अमानवीय साहित्य के
क्यों पढ़ूँ गीत
अब गढ़ूँगा
अपने नायक, बिंब
और प्रतीक।


Image : Bearded Man Stepping Down
Image Source : WikiArt
Artist : Jacob Jordaens
Image in Public Domain

सूरजपाल चौहान द्वारा भी