शल्यक्रिया

शल्यक्रिया

अनुभूतियों में कुछ हैं नाजुक
डाल-पत्ते से भरे हैं ये
नग्न किया जा सकता है
शल्यक्रिया के धारदार हथियार से

कुछ अनुभूतियाँ बारिश की
पहली बूँदों में जाग उठी हैं
छुरी कटारी की तीक्ष्णता के साथ
हजारों सालों से मानो
मुरझाई पड़ी थीं
कुछ अनुभूतियाँ ठोस हैं, चिकनी
मस्तिष्क आसानी से चीर सकता है

इतनी चीरफाड़ अनुभूति की
मन के खोल को भेदकर
शरीर के अंदर से
धरती तक शल्यक्रिया
शरीर को चीरकर शल्यक्रिया
अतींद्रिय फूल नहीं खिलते क्या!


Image : The Yerres, Rain
Image Source : WikiArt
Artist : Gustave Caillebotte
Image in Public Domain

दिनकर कुमार द्वारा भी