शर्मनाक हादसों के गवाह

शर्मनाक हादसों के गवाह

हम जो अपने समय के
सबसे शर्मनाक हादसों के
गवाह लोग हैं
हम जो अपने समय की
गवाही से मुकरे
डरे, सहमे, मरे से लोग हैं।

हमारे माथे सीधे-सीधे
इस सदी के साथ हुई
घोर नाइनसाफी
को चुपचाप देखने का
संगीन इल्जाम है,

हमने अकीदत की जगह
किए हैं सिर्फ और सिर्फ कुफ्र
हमने अपने समय के साथ
की है दोगली साजिशें

हमने अपने हिस्से की जलालत
पोंछ ली है पसीने की तरह
और घूम रहे हैं
बेशर्म मुस्कुराहटों के साथ
दोहरी नैतिकता लिए

हम सिल रहे हैं, चिथड़े हुए
यकीन के पैरहन और
उदासियों, मायूसियों
नाकामियों के लिहाफ
की ढँक सकें
अधजले सपनों के चेहरे
हमने अपने होंठों पर
जड़ ली है एक बेगैरत चुप्पी
बड़ी ही बेहयायी से
दफना दी है जिंदा सवालों की
पूरी फेहरिस्त

हमने अपनी तालू पर
चिपका लिए हैं
चापलूसी के गोंद
और सुखरू हो चले हैं
कि हमने सीखा दी है
आने वाली नस्लों को
एक शातिराना चुप्पी।


Image :Portrait of a Girl
Image Source : WikiArt
Artist : Alexej von Jawlensky
Image in Public Domain