चरम का पतन

चरम का पतन

क्रूरता और पाशविकता के
जंगल में
सारी सीमाओं का गला घोट
अनुशासन को ताँक पर रखे
घर गृहस्थी को झमेला समझ
अति-महत्त्वाकांक्षी स्त्री
ऐसे दौड़ लगा रही है
जैसे कोई घर से भागी हुई लड़की हो
बंधनों की आड़ में,
आस्था और परंपरा का बिस्तर लपेट
जाने कौन से स्वप्न की निद्रा में
डूबे रहना चाहती है स्त्री
आधुनिकता का अर्थ
जिम्मेदारियों से भागना नहीं
बदलाव के साथ जवाबदारियों को जीना
स्त्री को समझना होगा
ईश्वर की उस कला को
जिस आशय में स्त्री को रचा
अथवा नियति के चक्र को
अति महत्त्वाकांक्षा का चरम
उसके पतन का कारण न बने!


Image: The Reading
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Artist: Federico Zandomeneghi
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