दो भींगे शब्द

दो भींगे शब्द

तुम क्या दे देते हो
जो कोई नहीं दे पाता
दो भींगे शब्द
जो मेरे सबसे शुष्क प्रश्नों का
उत्तर होती हैं
तुम मुझसे ले लेते हो तन्हा लम्हें
और मैं महसूस करती हूँ
एक गुनगुनाती भीड़
खुद के खूब भीतर

मेरी पीड़ाओं पर तुम्हारा स्पर्श
एक नई रासायनिक प्रतिक्रिया
का हेतु बनता है
मेरी पीड़ाएँ तुम्हारे स्पर्श में
घुलकर शहद हो जाती हैं
मैं मीठा महसूस करती हूँ।


Image : Weda Cook
Image Source : WikiArt
Artist : Thomas Eakins
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